दीपावली पूजन और कमल

Post Views: 79 सभी पाठकों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं माँ लक्ष्मी आप सभी पर पूर्ण कृपा करें और आप को धन-धान्य प्रदान करें। आजकल अधिकतर दीपावली को दीवाली लिख दिया जाता है, जिसका की कोई अर्थ ही नहीं निकलता, दीपावली यानी दीप+अवली दीप अर्थात दीपक एवम अवली का अर्थ है पंक्ति इस प्रकार दीपावली […]

नवरात्रि : नवम दुर्गा “माँ सिद्धिदात्री”

Post Views: 191   आदि शक्ति श्री दुर्गा का नवम् रूपांतर श्री सिद्धिदात्री हैं। ये सब प्रकार की सिद्धियों की दाता हैं, इसीलिये ये सिद्धिदात्री कहलाती हैं। नवरात्र के नवम् दिन इनकी पूजा और आराधना की जाती है। इस दिन साधक को अपना चित्त निर्वाण चक्र (मध्य कपाल) में स्थिर कर अपनी साधना करनी चाहिये। […]

नवरात्रि : अष्टम् देवी “महागौरी”

Post Views: 184   आदि शक्ति श्री दुर्गा का अष्ठम रूपांतर श्री महागौरी हैं। इनका वर्ण पूर्णतः गौर है, इसलिये ये महागौरी कहलाती हैं। नवरात्रि के अष्ठम दिन इनका पूजन और अर्चन किया जाता है। इस दिन साधक को अपना चित्त सोमचक्र (उर्ध्व ललाट) में स्थिर करके साधना करनी चाहिये। श्री महागौरी की आराधना से […]

नवरात्रि : सप्तम देवी “कालरात्रि”

Post Views: 157 आदिशक्ति श्री दुर्गा का सप्तम रूपान्तर श्री कालरात्रि हैं। ये काल का नाश करने वाली हैं, इसीलिये कालरात्रि कहलाती हैं। नवरात्र के सप्तम दिन इनकी पूजा और अर्चना की जाती है। इस दिन साधक को अपना चित्त भानु चक्र (मध्य ललाट) में स्थिर कर साधना करनी चाहिये। श्री कालरात्रि की साधना से […]

नवरात्रि : षष्ठं देवी “कात्यायनी”

Post Views: 198   आदि शक्ति श्री दुर्गा का षष्ठम् रूपांतर श्री कात्यायनी है। महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर आदि शक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसलिये वे कात्यायनी कहलाती हैं। नवरात्र के षष्ठम दिन इनका पूजन और आराधन होता है। इस दिन साधक को अपना चित्त आज्ञा […]

नवरात्रि : पंचम देवी स्कंदमाता

Post Views: 174   आदि शक्ति श्री दुर्गा का पंचम रूपांतर श्री स्कंदमाता हैं। श्री स्कन्द (कुमार कार्तिकेय) की माता होने के कारण इन्हें स्कन्द माता कहा। जाता है। नवरात्र के पंचम दिन इनकी पूजा और आराधना की जाती है। इस दिन साधक को अपना चित्त विशुद्ध चक्र पर स्थिर करके साधना करनी चाहिये। इनकी […]

नवरात्रि : चतुर्थ देवी कुष्मांडा

Post Views: 271 आदि शक्ति श्री दुर्गा का चतुर्थ रूपांतर श्री कूष्माण्डा हैं। अपने उदर से अण्ड अर्थात ब्रह्माण्ड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कूष्माण्डा देवी के नाम से पुकारा जाता है। नवरात्र के चतुर्थ दिन इनकी पूजा और आराधना की जाती है। इस दिन साधक को अपना चित्त अनाहत – चक्र पर स्थिर […]

नवरात्रि : तृतीय देवी “चंद्रघंटा”

Post Views: 275   आदि शक्ति श्री दुर्गा का तृतीय रूपांतर श्री चन्द्रघण्टा हैं। इनके मस्तक पर घण्टे के आकार का अर्धचन्द्र है, इसी कारण इन्हें चन्द्रघण्टा देवी कहा जाता है। नवरात्रि के तृतीय दिन इनका पूजन और अर्चन किया जाता है। इस दिन साधक को अपना चित्त मणिपूर चक्र पर स्थिर करके अपनी साधना […]

नवरात्री : द्वितीय देवी “ब्रह्मचारिणी”

Post Views: 262   आदि शक्ति श्री दुर्गा का द्वितीय रूपांतर श्री ब्रह्मचारिणी हैं। यहां ब्रह्मचारिणी का तात्पर्य तपश्चारिणी है। इन्होंने भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिये घोर तपस्या की थी। अतः ये तपश्चारिणी और ब्रह्मचारिणी के नाम से विख्यात हैं। नवरात्र के द्वितीय दिन इनकी पूजा और अर्चना की जाती […]

नवरात्री : प्रथम देवी “शैलपुत्री”

Post Views: 273 आज नवरात्री में लोग सबकुछ करतें हैं मगर वो नही करते जो की करना चाहिए. नवरात्री, जैसा की नाम से समझ आता है की नौ रात्री. नौ रात साधना की, नौ रात खुद को साल भर के लिए चार्ज करने की, नौ रात अपना अभिस्ट प्राप्त करने की.   नवरात्री को नवदुर्गा […]